रानी अवंती बाई की जयंती पर CM योगी का बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में रानी अवंती बाई की भूमिका को याद किया और कहा कि देश की आजादी के लिए उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, रानी अवंती बाई ने बेहद कम उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना था। उन्होंने कहा कि 1857 के विद्रोह के समय रानी अवंती बाई की उम्र महज 27 वर्ष थी और इसी उम्र में उन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया।
27 साल की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ संभाली कमान
योगी आदित्यनाथ ने रानी अवंती बाई लोधी को 1857 की प्रमुख महिला क्रांतिकारियों में शामिल करते हुए कहा कि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी अवंती बाई के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष हुआ। उनके मुताबिक, ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन आज भी समाज को देश के लिए त्याग और समर्पण की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई का बलिदान विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
तीन महिला PAC बटालियन वीरांगनाओं के नाम पर
समारोह में मुख्यमंत्री ने रानी अवंती बाई की स्मृति से जुड़े राज्य सरकार के फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में तीन नई महिला पीएसी बटालियन गठित की जा रही हैं और इनके नाम वीरांगनाओं के नाम पर रखे गए हैं।
बदायूं में गठित महिला पीएसी बटालियन का नाम रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यहां बटालियन से जुड़ा काम लगभग पूरा हो चुका है और रानी अवंती बाई की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
लखनऊ में महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा गया है। वहीं गोरखपुर में गठित महिला पीएसी बटालियन वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों स्थानों पर भी संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाओं का काम आगे बढ़ रहा है।
महिला सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर सरकार का दावा
योगी आदित्यनाथ ने इन पहलों को महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है जिसमें बेटियां सुरक्षित रहते हुए समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं या नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। महिलाओं को सुरक्षा के साथ अवसर और आत्मनिर्भर बनने के लिए जरूरी माहौल भी मिलना चाहिए।
उन्होंने केंद्र की योजनाओं और राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इसी दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी के आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक, 2017 में राज्य पुलिस बल में करीब 10 हजार महिलाएं थीं। अब यह संख्या बढ़कर 45 हजार से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भर्ती को बढ़ावा देने के लिए 20 फीसदी भर्ती का प्रावधान किया गया है।
योगी ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ बेटियों के आत्मविश्वास को भी मजबूत करती है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा और जय देवी तथा विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
जयंती समारोह में मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश रानी अवंती बाई के बलिदान और उससे जुड़ी ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने के साथ महिला सुरक्षा और पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित रहा।
