बेटे का इलाज कराने भारत आई मां बोली- ‘डॉक्टर-नर्स ऐसे मिले जैसे अपने लोग’

पाकिस्तान
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

नई दिल्ली : भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव कोई नई बात नहीं है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक मतभेदों के बीच आम लोगों के अनुभव कई बार एक अलग तस्वीर सामने रखते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पाकिस्तान की एक महिला भारत में अपने बेटे के इलाज का अनुभव साझा करती नजर आ रही है। महिला के मुताबिक, उसके बेटे का लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट भारत में हुआ था और इलाज के दौरान भारतीय डॉक्टरों और नर्सों से उसे जिस तरह का व्यवहार मिला, उसे वह आज भी याद करती है।

महिला ने बताया कि उसके बेटे के ट्रांसप्लांट को करीब 11 साल हो चुके हैं और अब वह स्वस्थ है तथा यूनिवर्सिटी जाता है। इलाज के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उसने भारत आने से पहले की अपनी मानसिक स्थिति और यहां पहुंचने के बाद बदले अनुभव के बारे में विस्तार से बताया।

भारत आने से पहले लग रहा था जैसे जंग पर जा रहे हों

महिला के मुताबिक, जब उन्हें बेटे के इलाज के लिए भारत आना था तो परिवार में काफी बेचैनी थी। उसका कहना है कि भारत को उस समय एक ‘दुश्मन देश’ और पड़ोसी मुल्क के तौर पर देखा जा रहा था। वहां उनका कोई रिश्तेदार या दोस्त भी नहीं था।

महिला ने बताया कि वह पांच लोगों के साथ भारत पहुंची थी। उसके मुताबिक, उसके कजिन ने बेटे के ट्रांसप्लांट के लिए ऑर्गन डोनेट किया था। ऐसे में इलाज के दौरान परिवार पहले से ही मानसिक दबाव में था और नए देश में होने की चिंता अलग थी।

लेकिन भारत पहुंचने के बाद महिला के मुताबिक माहौल उसकी उम्मीद से बिल्कुल अलग निकला।

‘डॉक्टर और नर्स ऐसे थे जैसे अपने लोग’

वायरल वीडियो में महिला बताती है कि भारत में उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे वह किसी अनजान जगह नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच पहुंच गई हो। उसके साथ परिवार का कोई बड़ा समूह या दोस्त मौजूद नहीं था। घरवालों से संपर्क भी मुख्य रूप से फोन पर ही होता था।

महिला के मुताबिक, अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और आसपास के लोगों का व्यवहार इतना सहयोगी था कि उसे परिवार की कमी महसूस नहीं हुई। उसने इलाज के दौरान भारतीय मेडिकल स्टाफ की संवेदनशीलता का खास तौर पर जिक्र किया।

महिला ने पाकिस्तान में अपने बेटे के इलाज के अनुभव से इसकी तुलना भी की। उसका कहना था कि वहां कुछ डॉक्टरों के व्यवहार से उसे ऐसा महसूस होता था जैसे बच्चे की बीमारी के लिए परिवार ही जिम्मेदार हो। कई बार डॉक्टरों की बातें सुनकर वह घंटों रोती थी।

इसके उलट, महिला के मुताबिक भारत में जब उसके बेटे को तकलीफ होती थी तो डॉक्टरों और नर्सों की संवेदनशीलता देखकर उसे लगता था कि वे भी उसकी परेशानी को महसूस कर रहे हैं। उसने दावा किया कि कई मौकों पर मेडिकल स्टाफ की आंखों में भी आंसू आ जाते थे।

‘मोहब्बत दोनों तरफ है, सब सियासी खेल है’

वीडियो में महिला ने भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच रिश्तों को लेकर भी अपनी राय रखी। उसका कहना है कि दोनों देशों के लोगों के बीच दुश्मनी की जो धारणा बनाई गई है, उसमें राजनीति की बड़ी भूमिका है।

महिला ने कहा कि भारत आने के बाद उसका अनुभव बिल्कुल अलग रहा और उसे भारतीय लोगों से बहुत प्यार मिला। उसने कहा कि दोनों तरफ के लोगों के बीच मोहब्बत है, लेकिन उसे अलग रंग दे दिया गया है।

अपने अनुभव को याद करते हुए महिला ने दूसरे लोगों को भी सलाह दी कि अगर किसी को गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और भारत में इलाज की जरूरत पड़ती है तो वहां जाकर इलाज कराने पर विचार करना चाहिए।

11 साल बाद भी याद है भारत का अनुभव

महिला के मुताबिक, उसके बेटे के लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट को 11 साल हो चुके हैं और वह अब स्वस्थ है। इलाज के दौरान भारत में मिले अनुभव को वह आज भी अपने साथ जोड़े हुए है।

वीडियो में महिला की कहानी का केंद्र सिर्फ इलाज नहीं है। वह उस समय भारत आने से पहले की आशंका और यहां पहुंचने के बाद मिले व्यवहार के बीच का अंतर भी बताती है। यही हिस्सा सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह वीडियो Instagram अकाउंट ramnam.666 से शेयर किया गया है। पोस्ट के मुताबिक, वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कुछ लोग महिला के अनुभव को भारत-पाकिस्तान के आम लोगों के बीच मानवीय रिश्तों की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स वायरल वीडियो के संदर्भ और मूल स्रोत को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।

वीडियो में महिला द्वारा बताई गई कहानी और उसके व्यक्तिगत अनुभव ही इस वायरल पोस्ट का आधार हैं। वीडियो में बताए गए इलाज, अस्पताल और अन्य चिकित्सा विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है।