यूपी विधानसभा सचिवालय की पदोन्नति पर HC में चुनौती, 20 को सुनवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय में कर्मचारियों की पदोन्नति और सेवा संबंधी फैसलों को लेकर कानूनी विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में दाखिल रिट-ए संख्या 8321/2026 पर पहली सुनवाई 20 अगस्त 2026 को होनी है।
याचिका शशिकांत राजपूत और 10 अन्य की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं ने विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों की पदोन्नति में कथित हेरफेर और सेवा से जुड़े कुछ फैसलों की वैधता को चुनौती दी है।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों को बनाया पक्षकार
मामले में उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे समेत अन्य संबंधित पक्षकारों को प्रतिवादी बनाया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रभात दुबे का नाम भी प्रतिवादी पक्ष में शामिल है।
याचिका में पदोन्नति प्रक्रिया और सेवा संबंधी निर्णयों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या विधानसभा सचिवालय की ओर से कोई विस्तृत जवाब इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है।
20 अगस्त को होगी पहली सुनवाई
रिट-ए पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 20 अगस्त को प्रथम सुनवाई निर्धारित है। सुनवाई के दौरान अदालत याचिका में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित पक्षों का रुख जान सकती है और मामले की आगे की प्रक्रिया तय कर सकती है।
प्रशासनिक फैसलों की वैधता पर सवाल
याचिका का मुख्य मुद्दा विधानसभा सचिवालय में कर्मचारियों की पदोन्नति और सेवा से जुड़े निर्णयों की वैधता है। याचिकाकर्ताओं ने कथित हेरफेर का आरोप लगाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।
मामले की सुनवाई ऐसे समय हो रही है जब विधानसभा सचिवालय के प्रशासनिक कामकाज को लेकर विभिन्न शिकायतों और विवादों की चर्चा है।
अब 20 अगस्त की सुनवाई में अदालत के रुख से यह स्पष्ट होगा कि याचिका में उठाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा जाता है या मामले में कोई अन्य निर्देश जारी होता है।
