‘अंधभक्त’ कहिए, मुझे गर्व है… ईशा कोप्पिकर ने क्यों कहा?

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राघवेन्द्र मिश्रा
राघवेन्द्र मिश्रा

मुंबई: अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने खुद को दिए जा रहे ‘अंधभक्त’ के टैग पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि अगर भारत से प्यार करना, देश पर विश्वास रखना और उसकी तरक्की की इच्छा रखना ‘अंधभक्ति’ है, तो वह इस पहचान को गर्व से स्वीकार करती हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनकी निष्ठा किसी राजनीतिक दल के बजाय देश के प्रति है।

ईशा ने अपने वीडियो में राष्ट्रवाद और देशभक्ति को लेकर भी अपनी सोच रखी। उन्होंने कहा कि सिर्फ यह कहना कि व्यक्ति अपने देश से प्यार करता है, पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक, असली देशभक्ति तब है जब कोई व्यक्ति अपने काम और जिम्मेदारियों के जरिए देश को बेहतर बनाने की कोशिश करे।

‘मेरी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं’

ईशा ने कहा, “अगर अपने देश से प्यार करना, भारत पर विश्वास करना और उसकी तरक्की चाहना भक्ति है, तो हां, मुझे भक्त कहिए, अंधभक्त कहिए। लेकिन मेरी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने देश, अपने भारत के लिए है। राष्ट्र सबसे पहले है।”

‘सिर्फ प्यार कहना देशभक्ति नहीं’

ईशा ने कहा कि देशभक्ति केवल नारों या भावनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, व्यक्ति को अपने काम के जरिए देश के विकास में योगदान देने की कोशिश करनी चाहिए।

उन्होंने बच्चों और माता-पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोग पूरी जिंदगी इस बात का हिसाब लगाते रहते हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें क्या दिया और क्या नहीं दिया। वहीं, दूसरे लोग माता-पिता से मिली चीजों को आगे बढ़ाकर उनकी जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।

इसी उदाहरण को देश से जोड़ते हुए ईशा ने कहा कि नागरिकों को लगातार यह पूछने के बजाय कि देश ने उन्हें क्या दिया, यह भी सोचना चाहिए कि वे अपने देश के लिए क्या कर सकते हैं।

‘सोच बदलने का समय आ गया है’

अभिनेत्री ने कहा कि भारत बदल रहा है और अब लोगों की सोच में भी बदलाव की जरूरत है। उन्होंने लोगों से ‘नए भारत’ के निर्माण का हिस्सा बनने की अपील की।

ईशा ने कहा, “मुझे भक्त कहिए, अंधभक्त कहिए या राष्ट्रवादी कहिए, मैं अपने विचारों को लेकर पीछे नहीं हटूंगी।”

उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा कि अगर भारत से प्यार करना ‘अंधभक्ति’ है तो वह इस पहचान को गर्व से अपनाती हैं, लेकिन जो उन्हें गलत लगता है उस पर सवाल भी उठाती हैं और जो सही लगता है उसकी तारीफ भी करती हैं।

‘मेरे लिए मेरा देश सबसे ऊपर’

वीडियो के अंत में ईशा ने भारत के प्रति अपने विश्वास को दोहराते हुए ‘जय हिंद’ कहा। उनके संदेश का केंद्र देश के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी और नागरिक योगदान रहा।