6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

नई दिल्ली: देश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के चलते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम सिस्टम के साथ बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी जमीन की ओर पहुंच रही है। इसके अलावा मॉनसून ट्रफ और ऊपरी हवा के सिस्टम भी सक्रिय हैं, जिससे पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम झारखंड की ओर बढ़ा

IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के तटीय इलाकों के पास बना दबाव पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। मंगलवार, 18 अगस्त की सुबह तक यह झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों के आसपास पहुंच गया था।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में यह सिस्टम कमजोर होकर Well-Marked Low Pressure Area में बदल सकता है। इसके बाद इसके झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है।

सिस्टम कमजोर होने के बावजूद बारिश तुरंत थमने की उम्मीद नहीं है। नमी की मौजूदगी और सक्रिय मॉनसून ट्रफ पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का सिलसिला बनाए रख सकती है।

यूपी और MP में बहुत भारी बारिश का खतरा

18 अगस्त को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। लगातार बारिश वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी बारिश का दौर तेज रह सकता है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी का असर मध्य भारत तक पहुंच रहा है, जिससे कई इलाकों में बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

मॉनसून ट्रफ की स्थिति भी बारिश के लिए अनुकूल बनी हुई है। इसका पश्चिमी हिस्सा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी हिस्सा सामान्य स्थिति के करीब है। इस वजह से पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून गतिविधियां सक्रिय हैं।

बिहार और झारखंड पर भी नजर

मौसम सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ बिहार और झारखंड में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। खासकर झारखंड में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम आगे बढ़ते हुए बिहार की ओर जा सकता है। इसके कारण आने वाले दिनों में इन दोनों राज्यों के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है।

हरियाणा, पंजाब और पूर्वी यूपी में भी बादल

उत्तरी हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। ये सिस्टम वातावरण में नमी और बादलों के विकास में मदद कर रहे हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों में इंडो-गैंगेटिक प्लेन और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बादलों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। इससे पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों के बने रहने के संकेत मिल रहे हैं।

पूरे हफ्ते बारिश, जलभराव का खतरा

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस सप्ताह बारिश जारी रहने की संभावना है।

लगातार बारिश से कम बारिश वाले इलाकों को राहत मिल सकती है, लेकिन कम समय में ज्यादा बारिश होने पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा भी बढ़ेगा। खासकर निचले इलाकों और पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ सकती है।