प्रिंसिपल पर आरोप, 4 शिक्षकों की मांग, प्रशासन के फैसले से बदलेगी तस्वीर?

Abhijeet Dipke

हिंगोली: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में जिला परिषद स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचता दिख रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंगलवार को एक बार फिर गांव पहुंचकर अनशन कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात की। दिपके के मुताबिक, प्रशासन ने ग्रामीणों की मांगों पर सहमति जताई है। इसमें स्कूल के प्रिंसिपल के निलंबन के साथ चार नए शिक्षकों की नियुक्ति और बच्चों के लिए बेंच उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

संतुक पिंपरी के इस स्कूल को लेकर विवाद पिछले कुछ दिनों से चल रहा है। दो दिन पहले स्कूल पहुंचे दिपके ने प्रिंसिपल पर शराब के नशे में रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रिंसिपल के निलंबन की मांग की थी। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल की व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर अनशन शुरू कर दिया।

ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन की सहमति

दिपके का कहना है कि ग्रामीणों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने उनकी मांगों पर कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। उनके मुताबिक, स्कूल में चार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी और प्रिंसिपल को निलंबित किया जाएगा। बच्चों के लिए बेंच भी स्कूल पहुंच चुकी हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से इन फैसलों को लेकर विस्तृत लिखित आदेश या संबंधित अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में फिलहाल इन बातों की पुष्टि दिपके के बयान के आधार पर ही होती है।

स्कूल की हालत को लेकर शुरू हुआ आंदोलन

ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों की पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से परेशानी बनी हुई थी। इसी को लेकर ग्रामीण अनशन पर बैठे हैं। दिपके ने स्कूल का दौरा करने के बाद इस मुद्दे को अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जोड़ा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में आवाज उठाई जा रही है। दिपके का आरोप है कि सरकारें स्कूलों की जमीनी स्थिति को छिपाने की कोशिश करती हैं, लेकिन इससे समस्याएं खत्म नहीं होतीं।

अब्दुल का भी किया जिक्र

गांव में ग्रामीणों से बातचीत के दौरान दिपके ने अब्दुल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब्दुल उनके साथ जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल रहा है। दिपके के मुताबिक, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू होने के बाद अब्दुल बंगाल गया था, जहां वह स्कूलों की स्थिति देख रहा था।

दिपके ने आरोप लगाया कि वहां कुछ लोगों ने अब्दुल के साथ मारपीट की और जब उसके पिता उसे बचाने पहुंचे तो उनकी मौत हो गई। इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि के लिए पुलिस या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध कराई गई सामग्री में नहीं है।

‘जब तक स्कूल ठीक नहीं होंगे, अभियान जारी रहेगा’

दिपके ने कहा कि अब्दुल उनके परिवार का हिस्सा है और भाई जैसा है। उन्होंने इस पूरे मामले को पिछले कुछ वर्षों से चल रही नफरत की राजनीति से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि अब्दुल और उसका परिवार भी इसका शिकार हुआ।

संतुक पिंपरी स्कूल में प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षकों की नियुक्ति को दिपके ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे अभियान की सफलता बताया। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होने तक ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान जारी रहेगा।

अब संतुक पिंपरी में ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। चार शिक्षकों की नियुक्ति और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई कब तक होती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल आंदोलन के बाद स्कूल की व्यवस्था सुधारने को लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई का दावा सामने आया है।